यह कहानी हैं बांग्लादेश से भारत लाई गई महिलाओं की जिन्हें महिलाओं की तस्करी करने वालों ने जबरन देह व्यापार के धंधे में ढकेला था. पीड़ित महिला ने बताया कि किस तरह मानव तस्करों ने महिलाओं को एक मजदूर जैसा जीवन जीने के लिए विवश कर दिया था, ऐसा मजदूर जो दिन-रात मेहनत करने के बाद भी अपनी मजदूरी नहीं मांग सकता था.
महिलाओं को उपभोग की वस्तु समझा जाता है जिसका कोई भी पुरुष उपभोग कर सकता है शर्त यह है कि उस पुरुष के पास उस महिला के साथ रात गुजारने की कीमत होनी चाहिए.
प्यार या फिर देह व्यापार के लिए धोखा
मानव तस्करों ने देह व्यापार को व्यापक बनाने के लिए प्यार और धोखे जैसा खेल खेलना शुरु कर दिया है. आपको याद होगा सोफी नाम की महिला जिसके साथ उसके प्रेमी ने प्यार का खेल खेला फिर उसे बाजार में बेच आया.
मानव तस्करी की शिकार बनी सोफी का कहना था कि किस तरह वो अपने कथित प्रेमी के चंगुल में फंस गई और फिर उससे जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में ढकेल दिया गया. सोफी ने यह भी बताया कि उसका प्रेमी जब शुरुआती समय में उससे मिला था तो उसने अपनी पहचान गलत बताई थी. अधिकांश मानव तस्कर युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाने के लिए अपनी गलत पहचान ही बताते है और यदि युवती उनके प्रेम जाल में फंस जाए तो वो उसे वेश्या बनने पर मजबूर कर देते है. बहुत बार ऐसा देखा गया है कि यदि युवती अपने शरीर की कीमत लगाने से मना कर देती है तो मानव तस्कर युवती का अश्लील एमएमएस बनाकर बाजार में बेचने की घमकियां देते है.
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